24 घंटों में चमकी बुखार से छह बच्चों की मौत

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मयंक सिंह, मुजफ्फरपुर:उत्तर बिहार में हर साल गर्मियों में चमकी यानी दिमागी बुखार (एईएस) की बीमारी बच्चों पर काल बनकर टूटती है। मुजफ्फरपुर जिले में यह बीमारी खतरनाक रूप धारण कर चुकी है। एक हफ्ते के भीतर चमकी बुखार से 31 बच्चों की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मुजफ्फरपुर जिले में पिछले 24 घंटों में चमकी बुखार से छह बच्चों की मौत हुई है। उत्तर बिहार में मुजफ्फरपुर व आसपास के जिलों में चमकी व तेज बुखार जैसी घातक बीमारी बच्चों पर कहर बरपा रही है। अब यह जानलेवा बीमारी महामारी का रूप लेती जा रही है। रविवार को सुबह से शाम तक महज 12 घंटे में एसकेएमसीएच व केजरीवाल अस्पताल में 23 गंभीर बच्चों को भर्ती किया गया। इन नये मरीजों में तीन बच्चों की मौत हो गई, वहीं दो अन्य बच्चों को मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया। एक हफ्ते के भीतर चमकी बुखार के 75 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि 50 मरीजों का एसकेएमसीएच व केजरीवाल में इलाज चल रहा है।

👉 स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में सिर्फ दस मौत

हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन बीमारों में 34 में हाइपोग्लेसिमिया की पुष्टि हुई है। 2 जून से 7 जून तक दस की मौत की बात विभाग ने कही है। सीएस डा. एसपी सिंह व एसकेएमसीएच के अधीक्षक डा. एसके शाही ने बताया कि आरएमआरआई पटना से जो कन्फर्म रिपोर्ट आयी है, उसके आधार पर यह डाटा है।

👉 पीआईसीयू फुल

एसकेएमसीएच का दोनों पीआईसीयू फुल हो गया है। तीसरे पीआईसीयू को खोलने की कवायद शुरू हो गयी है। डॉक्टरों को इन गंभीर मरीजों को लाइन में लगाकर एसकेएमसीएच के पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है। एसकेएमसीएच के विभागाध्यक्ष डा. गोपालशंकर सहनी स्वयं सुबह से पीआईसीयू में इलाज कार्यों में जुटे मिले।

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