कुमार हेल्थ केयर में विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर 60 मरीजों का किया गया नि: शुल्क जांच व टीकाकरण

Spread the love

मयंक कुमार की रिपोर्ट:- विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर कुमार हेल्थ केयर छतौनी में नि: शुल्क जांच व टीकाकरण शिविर लगा कर लोगो को जागरूक एवं टीकाकरण किया गया। हॉस्पीटल के निदेशक डा. कमलेश कुमार डी एम (गैस्ट्रो) ने बताया कि हेपेटाइटिस बी रोगियों की संख्या लगातार बढ़ने का मुख्य कारण लोगों में जानकारी का अभाव है। इस बीमारी के लक्षण एवं बचाव के बारे में प्रकाश डालते हुए डा. कुमार ने बताया कि हैपेटाइटिस बी एक संक्रामक रोग है जो हेपेटाइटिस बी विषाणु के कारण फैलता है। इस रोग से पीड़ित कई मरीजों को लंबे समय तक इसका पता भी नहीं चलता।

उन्होनें बताया कि विश्वभर में लीवर सिरोसिस एवं लिवर कैंसर के 60 % मामले हेपेटाइटिस बी के कारण होते हैं। हेपेटाइटिस बी के फैलने का मुख्य कारण संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित सुई, ब्लेड, निर्जंतुक(Sterilized) नहीं किए गए उपकरणों से टैटू बनवाना, कान छिदवाना, दाढ़ी का ब्लेड, या संक्रमित व्यक्ति का टूथ ब्रश जैसा व्यक्तिगत सामान इस्तेमाल करना शामिल है।

 

वही कार्यक्रम में मौजूद डा. लिपि प्रियदर्शिनी ने बताया कि यह बीमारी गर्भावस्था में प्रसव के समय संक्रमित माता से शिशु को भी हो सकता है। इतना ही नहीं संक्रमित व्यक्ति का रक्त दान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन), अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) करते समय ठीक से जांच नहीं किए जाने पर भी हेपेटाइटिस बी फैल सकता है। साथ डा. कुमार एवं डा. प्रियदर्शिनी ने बताया कि यह बीमारी गले लगने, हाथ मिलाने, किसी के खांसने या छींकने से नहीं फैलता। उक्त अवसर पर उपस्थित मरीजों को जागरुक करते हुए डा. कुमार ने बताया कि भूख कम लगना, चमड़ी और आंख का रंग पीला होना, पेशाब का रंग पीला एवं लाल होना, कमजोरी, सिर दर्द, बुखार, पेट दर्द, जी मिचलाना, खुजली, उल्टी, खून की उल्टी, पेट में पानी होना इस बीमारी की प्रमुख लक्षण है जबकि जीर्ण यानी (क्रोनिक) हेपेटाइटिस बी से पीड़ित ज्यादातर रोगियों में इनमें से कोई भी लक्षण नहीं होता। डा. कुमार ने बताया कि यह बीमारी HIV से भी खतरनाक बीमारी है। इससे लीवर सिरोसिस एवं लीवर कैंसर होता है। वही डा. लिपि प्रियदर्शनी ने बताया कि लोगो को जागरूक करने एवं इस बिमारी से बचने के लिए कुमार हेल्थ केयर में हर माह के दुसरे रविवार को हेपेटाइटिस बी का जांच एवं टीकाकरण किया जाता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजेश कुमार सिंह, विनोद कुमार, पवन कुमार, विश्वनाथ चौधरी, जाकिर अंसारी, डा. राजेश, डा. शाहिद, सुमन कुमार, रोहित कुमार, सोनू कुमार, रामकिशोर मिश्रा, करण कुमार, शिव कुमार, गायत्री शर्मा, चंदा देवी ने अहम भूमिका निभाई। उक्त मौके पर 60 मरीजों की नि: शुल्क जांच एवं टीकाकरण किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *