सिवान:सिवान में अवतरित हुए लाफिंग बुद्धा,जिनके हंसाने से पुरे देश के लोगों का रोग दूर हो जाता है।

मुख्य संवाददाता/राजीवरंजन शर्मा(एक मुलाकात)

प्रिय दोस्तों, मैं एक ऐसे इन्सान से
मिला हूँ ,
जो आपको अपनी हँसी से विचलित कर सकता है या फिर आप उनके विक्षिप्त होने का भ्रम पाल सकते हैं । हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ॰॰॰॰॰॰ यकीन नहीं हो रहा है न ?? आप हैरान हो जाएंगें, आप हिल जाएंगें, पहले आपको हैरानी होगी, इनकी हँसी में आपको अपना उपहास नजर आयेगा, किन्तु कुछ ही छण बाद आप सिर्फ इसलिए हँसेंगे क्योंकि आपके समक्ष साक्षात एक हँसी का ही मैन खङा होगा, आपके सारे दुखों को अपने ठहाकों में समेटे उन्हें ले उङने को आतुर एक सुपर शक्तिमान नजर आयेगा, जी हाँ ॰॰॰ जापान का वही लॉफिंग बुद्धा, नागेश्वर दास के रूप में आपको साक्षात जीता जागता नजर आयेगा , जिसके स्टैच्यु को आप अपने घरों, आफिसों और गाड़ियों में सजाते हैं । जिस सुख शान्ति और वैभव की तलाश आप एक स्टैच्यु में करते हैं उनका जीवित रूप आपके बिहार के सिवान जिले में शास्वत विराजमान हैं । राह चलते , अपरिचित लोगों को जब एक सुन्दर, सुसज्जित व्यक्ति अपने जोरदार ठहाकों से खुलकर हँसने मुस्कुराने को प्रेरित करता है तो इस रहस्य को समझ पाना कठिन हो जाता है ।

बाबा नागेश्वर दास की हँसी से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि जिस अर्थ के जुग में लोग रुपयों के पीछे पड़े हुए हैं, उस युग मे यह प्रेम की पाठ पढ़ने और पढ़ाने में लगे हुए हैं, इनकी हँसी की गूँज, औषधि का कार्य कर रही है ।
आज इनके साथ लोग हँसकर स्वस्थ्य हो रहें है ,शारिरिक व मानसिक रूप से ।
आज का आलम ये है कि बाबा नागेश्वर दास जी को लोग अपने घरों व दुकानों सिर्फ हँसने के लिए बुला रहे हैं, भोजन करा रहे हैं, सहर्ष दान कर रहे हैं और उनकी संगत में बिना किसी आयोजन प्रयोजन के नि:स्वार्थ हँसे जा रहे हैं । आप सिर्फ इन्हें हँसते देखकर हँसने पर विवश हो जाएंगे इसमें कोई सन्देह नहीं है । जो इनसे एक बार मिल लेगा, इनका अलौकिक दर्शन कर लेगा उसे फिर हँसने के लिए न किसी कॉमेडी शो की जरूरत पङेगी ना ही किसी फन्नी जोक्स की, वह बस इस इंडियन लॉफिंग बुद्धा जी को ,शिद्दत से याद भर कर ले तो, हँसी उसकी हमसफर बन जाएगी , वह भी दुःख के बेरहम घड़ियों में भी बाबा जी यह काम पिछले 20 वर्षों से पूरे भारत मे घूम घूम कर निःशुल्क,कर रहें हैं,लॉफिंग बुद्धा जी
बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, जिन्होंने ” मैं भारत हूँ ” शीर्षक से एक देशभक्ति गीत गाया जिसे सोशल मीडिया पर अपार प्रंशसा मिली और अब “मैं बिहार हूँ” गीत ने समूचे बिहार वासियों के दिल में बाबा की एक अलग ही छवि स्थापित कर दिया है ।
उसके बाद हिंदुस्तान हमारा है,हम सैनिक रखवाले ,जैसे तमाम गीत गाकर ,देश भक्त गायक के सम्मान से सम्मानित भी हुए हैं रिटायर कर्नल जी डी बक्शी से ,व पुनीत इस्सर से।

आज लोग हँसी को कहाँ कहाँ नहीं तलाश रहे हैं, कारण है कि सौ रोगों की एक दवाई रोज खुल कर हँसना, जो सिवान की सङकों पर आपको मुफ्त में मिल जाएगी । हम आप लोगों को निःस्वार्थ इनका हँसता हुआ एक तस्वीर भेज रहें है आप इस तस्वीर को अपने मकान दुकान या ऑफिस में रख कर भी इनका लाभ ले सकतें है ,भारत के कई हिस्सों में लोग इस तस्वीर को लगा कर अपना शारीरिक , मानसिक व आर्थिक लाभ उठा रहें है । आप चाहें तो बाबा नागेश्वर दास जी को,yuotube पर सर्च कर के उनकी हँसी के माध्यम से ही उनके साक्षात दर्शन का अहसास कर सकते हैं ।

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